Sunday, March 24, 2019

रांची: एक तरफ जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा मैं भी चौकीदार अभियान में जुटी हुई है और पार्टी नेता अपने ट्विटर प्रोफाइल में चौकीदार शब्द जोड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ झारखंड सरकार के 10,000 वास्तविक चौकीदारों को सैलरी न मिलने की वजह से घोर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले चार महीनों से 24 जिलों के इन चौकीदारों को उनके वेतन का भुगतान नहीं किया गया है. इसमें से हर एक चौकीदार एक थाना के तहत 10 गांवों की निगरानी करता है. प्रत्येक चौकीदार को 20,000 रुपये का वेतन मिलता है. साल 1870 में ग्राम चौकीदार अधिनियम लागू होने के बाद चौकीदार ब्रिटिश काल से भारत में पुलिस व्यवस्था का हिस्सा रहे हैं. ये लोग अपने वरिष्ठ दफादारों को रिपोर्ट करते हैं. झारखंड सरकार ने उनके लिए एक अलग कैडर समर्पित किया है. 10,000 चौकीदारों के अलावा, लगभग 200 दफादार हैं, जिन्हें हर महीने 22,000 रुपये मिलते हैं. यहां तक कि इन्हें भी चार महीने से वेतन नहीं दिया गया है. बीते मंगलवार को 11.30 बजे से एक घंटे के मौन विरोध प्रदर्शन के तहत 20 चौकीदारों ने रातू पुलिस स्टेशन पहुंचे थे.

'चौकीदार' रघुबर दास के झारखंड में 10,000 चौकीदारों को चार महीने से नहीं मिला वेतन