Ramaswami

This Blog is about the democratic movements in India. Its only aim and objective is to fight against the anti-people policies of the ruling class.

Sunday, April 26, 2020

अब आप यहाँ से जा सकते हैं, यह मत पूछिए कि कहाँ जाएँ... ‘इतवार की कविता’ : जनकवि गोरख पाण्डेय ने 1982 में दिल्ली में हुए एशियन गेम्स (एशियाड) के बाद ‘स्वर्ग से बिदाई’ शीर्षक से एक लंबी कविता लिखी थी। जो आज भी बहुत प्रासंगिक है। इसे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के स्वागत में अहमदाबाद में झुग्गी बस्ती के बाहर बनाई गई ‘ऐतिहासिक दीवार’ से लेकर कोरोना संकट के बीच महानगरों से गांव-घर की ओर पैदल पलायन करने को मजबूर हुए मज़दूरों के संदर्भों में पढ़ा और समझा जा सकता है।)

अब आप यहाँ से जा सकते हैं, यह मत पूछिए कि कहाँ जाएँ... | न्यूज़क्लिक




Ramaswami at 7:46 PM
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