Monday, April 27, 2020

भारत में कोरोना महामारी की आड़ में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ जारी सुनियोजित नफरत-अभियान और सरकार की शह पर चल रहे मुसलमानों के मीडिया ट्रायल की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया हो रही है। इस सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की ओर से की जा रही डेमेज कंट्रोल की कोशिशों के बीच ही रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सुप्रीमो मोहन भागवत को भी कहना पडा कि कुछ लोगों की गलती के लिए पूरे समुदाय को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। भागवत ने यह बात संघ के स्वयंसेवकों को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा, ''कोरोना महामारी से निबटने के कोशिशों के दौरान किसी एक समूह की गलती के लिए हम उस पूरे समुदाय के प्रति दुर्भावना नहीं रख सकते।’’ हालांकि इस सिलसिले में संघ सुप्रीमो ने किसी का नाम नहीं लिया, पर समझा जा सकता है कि उनका इशारा तबलीगी जमात की ओर ही रहा और इस इशारे का आशय भी साफ है कि वे देश में कोरोना का संक्रमण फैलाने के लिए तबलीगी जमात को ही खास तौर पर जिम्मेदार मानते हैं।

भागवत का भाषण: डेमेज कंट्रोल के साथ हताश समर्थकों को बहलाने का उपक्रम | न्यूज़क्लिक