Thursday, May 14, 2020

भारत में टीवी मीडिया के ऐसे बहुत से कथित पत्रकार हैं जो सच और झूठ दोनों को बेच रहे हैं। सच में मिर्च मसाला लगाकर उसे एक अलग ही रंग दे रहे हैं, और झूठ बेचना तो उनके लिए अब खेल बन चुका है। आए दिन झूठी खबरों से TRP कमाने वाला ये गोदी मीडिया अब दंगाई मीडिया बन चुका है। एक ऐसा मीडिया जो लोगों के दिलों में एक दूसरे के लिए नफ़रत घोलता जा रहा है। न्यूज़ 18 का एंकर अमीश देवगन मुंबई के कुर्ला में लोकल्स और पुलिस के बीच हुई झड़प को सांप्रदायिक रंग देकर बेचता है। वो कहता है कि मस्जिद में नमाज़ पढ़ने के बाद मुस्लिम बाहर आए और पुलिसकर्मियों की पिटाई की। सच तो ये है कि “पीआर एजेंट” अमिश देवगन ने जिस घटना का ज़िक्र किया वहां आस पास कोई मस्जिद ही नहीं थी। इसी तरह दंगाई मीडिया के दूसरे पत्रकार भी फ़र्ज़ी खबरें फैलाते रहते हैं, नोटों से चिप निकालते रहते हैं। लेकिन उनके ऊपर कोई कार्यवाही नहीं होती।

प्रेस आज़ादी: 180 देश में भारत 142वें नंबर पर चला गया है, फिर भी देश का मीडिया PR बना हुआ है