SAVE WEST BENGAL FROM TRINAMOOL CONGRESS

RESIST FASCIST TERROR IN WB BY TMC-MAOIST-POLICE-MEDIA NEXUS

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Wednesday, April 1, 2020

केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमित मरीज़ों के लिए काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के लिये 50 लाख रुपये के बीमा कवर की घोषणा की है लेकिन इसमें ठेका कर्मचारी शामिल नहीं हैं। अब सवाल ये उठता है कि क्या ये लोग काम नहीं करते या इनके जीवन को ख़तरा नहीं है? सार्वजनिक सेवाओं की बात करेें तो अधिकतर सेवाओं का निजीकरण या ठेकाकरण कर दिया गया है। समान्य स्थति में भी इन कर्मचारियों को कर्मचारी होने के नाते मिलने वाले मुुुुलभूूत अधिकार भी नहीं दिए जाते हैं। कोरोना माहमारी के बीच तो इनके सुरक्षित रहने, सम्मान से जीने और काम करने का भी अधिकार छीन गया है।

कोरोना संकट : क्या संविदा कर्मचारियों के जान की कोई क़ीमत नहीं है? | न्यूज़क्लिक