SAVE WEST BENGAL FROM TRINAMOOL CONGRESS

RESIST FASCIST TERROR IN WB BY TMC-MAOIST-POLICE-MEDIA NEXUS

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Tuesday, March 26, 2019

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के संस्थापकों में से एक और कानपुर से संसद सदस्य, मुरली मनोहर जोशी को कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह नहीं चाहते हैं कि वह फिर से चुनाव में खड़े हों. ये संदेश पार्टी के महासचिव राम लाल ने सोमवार को जोशी को दिया. मुरली मनोहर जोशी ने एक पत्र जारी कर इसकी पुष्टि की है. अब ऐसा माना जा रहा है कि लालकृष्ण आडवाणी के बाद भाजपा जोशी का भी टिकट काट देगी. हालांकि जोशी ने चुनाव न लड़ने से इनकार किया है. जोशी ने राम लाल से कहा कि वह कोई भी घोषणा नहीं करेंगे और वह कानपुर से सांसद के रूप में चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं. सूत्रों का कहना है कि जोशी ने राम लाल से कहा कि यह उनके लिए बहुत बड़ा अपमान है कि मोदी और शाह ने उन्हें संदेश देने के लिए इस्तेमाल किया जो उन्हें खुद बताना चाहिए था.

मुरली मनोहर जोशी से कहा गया, मोदी-शाह नहीं चाहते कि आप लोकसभा चुनाव लड़ें




लोकपाल के अध्यक्ष और इसके सदस्यों की नियुक्ति में सत्ता पक्ष के सदस्यों की संख्या अधिक थी और चयन में पूरी तरीके से गोपनीयता बरती गई. ऐसा करना लोकपाल कानून के प्रावधानों का पूरी तरह से उल्लंघन है. चयन प्रक्रिया से समझौता करके मोदी सरकार ने कामकाज शुरू करने से पहले ही लोकपाल संस्था को कमजोर कर दिया है.

क्या मोदी सरकार ने चुनावी फायदे के लिए एक स्वतंत्र और विश्वसनीय लोकपाल की बलि दे दी




भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर हमला करते हुए पार्टी के पूर्व प्रवक्ता आईपी सिंह ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की आजमगढ़ से उम्मीदवारी का भी स्वागत किया और उन्हें अपने आवास को चुनाव अभियान कार्यालय के रूप में उपयोग करने की पेशकश की.

भाजपा नेता ने कहा- दो गुजराती ठग लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं, पार्टी से निष्कासित




Sunday, March 24, 2019

Possibly, every authoritarian regime propagates a myth that there is no alternative. What prevails, as it is said, is true and absolute; and hence, any critique of the establishment is bound to cause anarchy, normlessness and utter confusion. In this election year, we too are being repeatedly reminded by the ruling regime that Narendra Modi is the best ‘brand’ possible; and our smartness as consumers of politics in this market-driven age lies in choosing this much-hyped ‘brand’ and feeling ‘secure’.

2019 Elections: Who Says There is No Alternative?




'बोल के लब आज़ाद हैं तेरे' की इस कड़ी में, अभिसार शर्मा ने पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस पर भाजपा की राजनीति पर चर्चा की। जहां बीजेपी के सदस्य और दक्षिणपंथी 'राष्ट्रवादी', पाकिस्तान के बारे में कुछ भी कहते रहते हैं, वहीं पीएम मोदी ने खुद पाकिस्तान के पीएम इमरान खान को बधाई संदेश भेजा है। इसके साथ ही, अभिसार लोकसभा चुनाव से ठीक पहले जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट पर प्रतिबंध लगाने पर भी सवाल उठाते हैं।

बीजेपी का पतंजलि ब्रांड राष्ट्रवाद | न्यूज़क्लिक




भगत सिंह...एक व्यक्ति नहीं, एक विचार हैं...और विचार कभी मरा नहीं करते। वे खुद कहते थे कि “व्यक्तियों को कुचल कर, वे विचारों को नहीं मार सकते।” इसलिए भगत सिंह आज भी ज़िंदा हैं हमारे बीच...अपनी पूरी प्रासंगिकता के साथ...।

“हवा में रहेगी मेरे ख़्याल की बिजली...” | न्यूज़क्लिक




भारतीय स्वाधीनता आंदोलन के महान क्रांतिकारी योद्धा शहीद भगत सिंह को भारत में हर कोई जानता है। लेकिन ज्यादातर लोग इतना भर जानते हैं कि वे आजादी की लड़ाई के एक महान् योद्धा थे। आत्म-बलिदान के शिखर पुरुष! लंबे समय तक आजाद भारत में इस बात का प्रचार-प्रसार बहुत कम था कि भगत सिंह कैसा भारत चाहते थे? राष्ट्र, राष्ट्रवाद और राष्ट्रप्रेम के बारे में उनके क्या विचार थे? धर्म, सांप्रदायिकता और अपने समय की पत्रकारिता के बारे में उनकी क्या राय थी? शहीदे-आजम के शहादत दिवस के मौके पर इतिहास के एक विद्यार्थी और वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश की यह खास प्रस्तुति :

भगवा-राष्ट्रवाद और भगत सिंह का राष्ट्रप्रेम! | न्यूज़क्लिक




पत्रकार भाषा सिंह ने पंजाब, गुजरात और ओडिशा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बात की महिला सफ़ाई कर्मचारियों से और उनसे पूछ रही हैं कि वो क्या चाहती हैं? सिर्फ़ तस्वीर-बाज़ी या फिर एक सुरक्षित नौकरी और इज़्ज़त की ज़िंदगी?

जनता की नब्ज़: मोदी का राजनीतिक पैंतरा | न्यूज़क्लिक




यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चल रहे 'चौकीदार' प्रचार और भ्रष्टाचार के खिलाफ बयानबाजी पर पानी फेर सकती है। शुक्रवार को एक पत्रिका रिपोर्ट में भाजपा के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीo एसo येदियुरप्पा पर 2009 में कथित तौर पर गंभीर भ्र्ष्टाचार का आरोप लगाया गया है । इस रिपोर्ट के अनुसार अपनी पार्टी की केंद्रीय समिति और उसके कुछ शीर्ष राष्ट्रीय नेताओं के 1,800 करोड़ रुपये के भुगतान को सूचीबद्ध करते हुए डायरी नोटिंग की थी । द कारवांपत्रिका ने दावा किया कि उसके पास 'दस्तावेजों' है, जिससे पता चलता है कि बीएसवाई की लिखावट में डेयरी नोटिस आयकर (आईटी) विभाग के कब्जे में हैं। रिपोर्ट में कहा गया है: “येदियुरप्पा ने कर्नाटक राज्य विधानसभा विधायक की 2009 की डायरी में कन्नड़ में अपने हाथों में इन कथित भुगतानों को लिखा हैं । इन नोटिंग की प्रतियां 2017 से आयकर विभाग के पास हैं, “रिपोर्ट में कहा गया है कि,“ डायरी के पन्नों की प्रतियां ध्यान दें कि येदियुरप्पा ने भाजपा केंद्रीय समिति को 1,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया था; उन्होंने वित्त मंत्री अरुण जेटली और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को 150 करोड़ रुपये का भुगतान किया; उन्होंने गृह मंत्री राजनाथ सिंह को 100 करोड़ रुपये दिए; और उन्होंने भाजपा के लालकृष्ण आडवाणी और पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी को 50 करोड़ रुपये का भुगतान किया। इसके अलावा, जजों को 250 करोडे और वकील को 50 -50 करोड़ देने की बात लिखी है |

कारवां रिपोर्ट: बीएस येदियुरप्पा ने भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं को 1,800 करोड़ रुपये का भुगतान किया | न्यूज़क्लिक




न्यूज़ीलैंड के क्राइस्टचर्च में 15 मार्च 2019 को हुए भीषण नरसंहार ने दुनिया को दहला दिया है। हत्यारा ब्रेंटन हैरिसन टेरेंट, ऑस्ट्रेलियाई नागरिक है। दो मस्जिदों पर हुए इस हमले में करीब 50 लोग मारे गए, जिनमें से नौ भारतीय मूल के थे। टेरेंट ने इस कत्लेआम की सोशल मीडिया पर लाइव स्ट्रीमिंग करने के लिए अपने सिर पर एक कैमरा लगा रखा था। उसने यह खून-खराबा इसलिए किया क्योंकि उसका मानना था कि मुस्लिम प्रवासी और उनके द्वारा की जाने वाली हिंसा, यूरोप के लिए बड़ा खतरा है। यह आतंकवादी, मुसलमानों से गहरी नफरत करता है और कट्टर नस्लवादी है। उसने यह घृणित काण्ड अंजाम देने से पहले एक लम्बा वक्तव्य, जिसे वह “श्वेत राष्ट्रवाद का घोषणापत्र” कहता है, सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।

‘सभ्यताओं के टकराव’ का सिद्धांत बना मानवता का शिकारी | न्यूज़क्लिक




March 23 is the Martyrdom Day of the great revolutionary leader of the Indian freedom struggle, Bhagat Singh. For the longest time, however, majority of the people of the independent nation were not aware of his idea of India. What were his views on nation, nationalism and patriotism? What did he think about communalism and journalism? On the occasion of his martyrdom day, we bring you this special presentation by senior journalist and a history student Urmilesh.

Difference Between Saffron Nationalism and Bhagat Singh’s Patriotism | NewsClick




नई दिल्लीः केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के परसा में घने हसदेव अरंद जंगल में ओपन कास्ट कोल माइनिंग को पर्यावरणीय मंजूरी दे दी. इस फैसले से भारत में वन संरक्षण के दूरगामी परिणाम हो सकते हैं. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, हसदेव अरंद लगभग 170,000 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला मध्य भारत के घने जंगलों में से एक है. परसा हसदेव अरंद के 30 कोयला ब्लॉकों में से एक है, जिस पर राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लि. (आरवीयूएनएल) का स्वामित्व है. इस खदान की क्षमता पांच मीट्रिक टन प्रतिवर्ष है और इसका संचालन राजस्थान कोलिरीज लि. (आरसीएल) करती है. यह अडानी इंटरप्राइजेज लिमिटेड की इकाई है. इसे फरवरी 2019 में पहले चरण की वन मंजूरी मिली थी लेकिन वन सलाहकार समिति की बैठक के मिनट्स से पता चलता है कि खदान के लिए इस्तेमाल की जाने वाली 841 हेक्टेयर की जमीन एक घने जंगल का हिस्सा है.

केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में 170,000 हेक्टेयर वनक्षेत्र में खनन को मंजूरी दी




मीडिया बोल की इस कड़ी में उर्मिलेश चुनाव और फ़ेक न्यूज़ पर निर्वाचन आयोग के पूर्व क़ानूनी सलाहकार एसके मेंहदीरत्ता, वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ श्रीवास्तव और न्यूज़ नेशन के पूर्व सीईओ-संपादक शैलेश से चर्चा कर रहे हैं.

मीडिया बोल: चुनाव में चैनल और झूठ का धंधा




इस बात का बड़ा भारी शोर सुना जा रहा है कि पढ़ने वाले नौजवान (विद्यार्थी) राजनीतिक या पॉलिटिकल कामों में हिस्सा न लें. पंजाब सरकार की राय बिल्कुल ही न्यारी है. विद्यार्थी से कॉलेज में दाख़िल होने से पहले इस आशय की शर्त पर हस्ताक्षर करवाए जाते हैं कि वे पॉलिटिकल कामों में हिस्सा नहीं लेंगे. आगे हमारा दुर्भाग्य कि लोगों की ओर से चुना हुआ मनोहर, जो अब शिक्षा-मंत्री है, स्कूलों-कॉलेजों के नाम एक सर्कुलर या परिपत्र भेजता है कि कोई पढ़ने या पढ़ाने वाला पॉलिटिक्स में हिस्सा न ले. कुछ दिन हुए जब लाहौर में स्टूडेंट्स यूनियन या विद्यार्थी सभा की ओर से विद्यार्थी-सप्ताह मनाया जा रहा था, वहां भी सर अब्दुल कादर और प्रोफेसर ईश्वरचंद्र नंदा ने इस बात पर ज़ोर दिया कि विद्यार्थियों को पॉलिटिक्स में हिस्सा नहीं लेना चाहिए.

'जिन नौजवानों को कल देश की बागडोर संभालनी है, उन्हें अक़्ल का अंधा बनाया जा रहा है'




रांची: एक तरफ जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा मैं भी चौकीदार अभियान में जुटी हुई है और पार्टी नेता अपने ट्विटर प्रोफाइल में चौकीदार शब्द जोड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ झारखंड सरकार के 10,000 वास्तविक चौकीदारों को सैलरी न मिलने की वजह से घोर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले चार महीनों से 24 जिलों के इन चौकीदारों को उनके वेतन का भुगतान नहीं किया गया है. इसमें से हर एक चौकीदार एक थाना के तहत 10 गांवों की निगरानी करता है. प्रत्येक चौकीदार को 20,000 रुपये का वेतन मिलता है. साल 1870 में ग्राम चौकीदार अधिनियम लागू होने के बाद चौकीदार ब्रिटिश काल से भारत में पुलिस व्यवस्था का हिस्सा रहे हैं. ये लोग अपने वरिष्ठ दफादारों को रिपोर्ट करते हैं. झारखंड सरकार ने उनके लिए एक अलग कैडर समर्पित किया है. 10,000 चौकीदारों के अलावा, लगभग 200 दफादार हैं, जिन्हें हर महीने 22,000 रुपये मिलते हैं. यहां तक कि इन्हें भी चार महीने से वेतन नहीं दिया गया है. बीते मंगलवार को 11.30 बजे से एक घंटे के मौन विरोध प्रदर्शन के तहत 20 चौकीदारों ने रातू पुलिस स्टेशन पहुंचे थे.

'चौकीदार' रघुबर दास के झारखंड में 10,000 चौकीदारों को चार महीने से नहीं मिला वेतन




महान क्रांतिकारी भगत सिंह और उनके साथियों ने ब्रिटिश सरकार से कहा कि उनके साथ राजनीतिक बंदी जैसा ही व्यवहार किया जाए और फांसी देने की जगह गोलियों से भून दिया जाए. जबकि हिंदू राष्ट्रवादी सावरकर ने अपील की कि उन्हें छोड़ दिया जाए तो आजीवन क्रांति से किनारा कर लेंगे.

भगत सिंह और सावरकर: दो याचिकाएं जो हिंद और हिंदुत्व का अंतर बताती हैं




नई दिल्ली: वाराणसी से लोकसभा चुनाव लड़ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक अप्रत्याशित चुनौती के रूप में, तमिलनाडु के 111 किसानों ने मोदी के खिलाफ चुनावी लड़ाई लड़ने और नामांकन दाखिल करने का फैसला किया है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर चुके इन किसानों ने महत्वपूर्ण चुनावों से कुछ दिन पहले ही पीएम मोदी पर हमला बोला था. तमिलनाडु के किसान नेता पी. अय्याकन्नु ने शनिवार को बताया कि राज्य से 111 किसान मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ेंगे. राष्ट्रीय दक्षिण भारतीय नदियों के इंटर-लिंकिंग किसान संघ के अध्यक्ष अय्याकन्नु ने कहा कि उत्तर प्रदेश से चुनाव लड़ने का निर्णय भाजपा को अपने घोषणापत्र में उनकी मांगों को शामिल करने का आग्रह करना था जिसमें कृषि उपज के लिए लाभदायक मूल्य भी शामिल है.

नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ वाराणसी से चुनाव लड़ेंगे तमिलनाडु के 111 किसान




आखिर क्या बात है कि खेती-किसानी हो, अर्थव्यवस्था के दूसरे हिस्से हों, विश्वविद्यालय हों या स्कूल, हिंदी अख़बारों या चैनलों से हमें न तो सही जानकारी मिलती है, न आलोचनात्मक विश्लेषण? क्यों सारे हिंदी जनसंचार माध्यम सरकार की जय-जयकार में जुट गए हैं?

पुण्य प्रसून वाजपेयी को मिला नोटिस जनता के जानने के अधिकार पर एक और गहरा वार है




पत्रिका ने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की एक डायरी का हवाला देते हुए बताया कि अरुण जेटली और नितिन गडकरी को 150 करोड़ रुपये, राजनाथ सिंह को 100 करोड़ रुपये, लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को 50 करोड़ रुपये दिए गए. इसके अलावा 250 करोड़ रुपये का भुगतान जजों को किया गया.

कारवां पत्रिका का दावा, येदियुरप्पा ने भाजपा के बड़े नेताओं को 1000 करोड़ रुपये दिए




गुरुग्राम के धमसपुर गांव में होली की शाम को कथित तौर पर 20-25 लोग एक मुस्लिम परिवार के घर में घुस गए और उस परिवार के सदस्यों के साथ उनके यहां आए मेहमानों की छड़ी और रॉड से जमकर पिटाई कर दी. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना उस समय हुई जब उनमें से कुछ लोगों ने बाहर क्रिकेट खेल रहे उस परिवार के युवकों के पास आए और उनसे कहा कि जाकर पाकिस्तान में खेलो. शुक्रवार की रात मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया. एफआईआर के अनुसार, यह घटना शाम को करीब पांच बजे उत्तर प्रदेश के रहने वाले मोहम्मद साजिद के घर पर हुई. वे वहां पर पिछले तीन सालों से अपनी पत्नी समीना और छह बच्चों के साथ रह रहे हैं.

गुरुग्राम: घर में घुसकर मुस्लिम परिवार को बुरी तरीके से पीटा, कहा- पाकिस्तान जाओ