SAVE WEST BENGAL FROM TRINAMOOL CONGRESS

RESIST FASCIST TERROR IN WB BY TMC-MAOIST-POLICE-MEDIA NEXUS

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Monday, February 17, 2020

सौ हाथ हमें रोकने की कोशिश में फैले हुए, हम अपनी ज़िद से एक और कदम आगे बढ़े। आज हमारे लिए एक बड़ी जीत का दिन है। देश की सर्वोच्च अदालत ने आज माना कि हम सेना में कमांड देने वाले पदों की ज़िम्मेदारी बखूबी निभा सकती हैं। जबकि हमारी केंद्र की सरकार ने अदालत में दलील दी थी कि सेना के जवान महिला अधिकारियों से आदेश लेने में सहज नहीं हैं। देश के आइकॉन बन गए पायलट अभिनंदन जब पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमान को गिराने के लिए आकाश में गोते लगा रहे थे, महिला फ्लाइट कंट्रोलर मिनती अग्रवाल उन्हें दिशा-निर्देश दे रही थीं। मिनती को इसके लिए युद्ध सेवा मेडल दिया गया है। 2010 में काबुल में भारतीय दूतावास पर आतंकी हमले के दौरान लेफ्टिनेंट कर्नल मिताली मधुमिता को उनकी बहादुरी के लिए सेना मेडल से सम्मानित किया गया। ये कुछ उदाहरण अदालत के सामने रखे गए ये बताने के लिए कमांडिंग पोजिशन की ज़िम्मेदारी निभाने में महिलाएं पूरी तरह सक्षम हैं।

देखिए मोदी जी, सुनिए भागवत जी : हम औरतें; सेना से लेकर शाहीन बाग़ तक | न्यूज़क्लिक