SAVE WEST BENGAL FROM TRINAMOOL CONGRESS

RESIST FASCIST TERROR IN WB BY TMC-MAOIST-POLICE-MEDIA NEXUS

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Monday, February 17, 2020

सेना में लैंगिक भेदभाव के लिहाज से सुप्रीम कोर्ट का आज का फ़ैसला बेहद अहम है। अदालत ने केंद्र को निर्देश दिए कि वे तीन महीने के भीतर उन महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन दें, जो इसकी हकदार हैं। अदालत ने कहा कि कमांड पदों पर महिला अधिकारियों को पूरी तरह प्रतिबंधित करना अतार्किक है। इसके साथ ही कमांड पदों पर महिलाओं की नियुक्ति का रास्ता तैयार हो गया है। वर्ष 2010 में दिल्ली हाईकोर्ट ने भी सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन देने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद कई महिलाओं को 14 वर्ष काम करने के बावजूद स्थायी कमीशन नहीं दिया गया। स्थायी कमीशन का मतलब 6 साल का सेवा विस्तार और स्थायी कमीशन वाले अधिकारियों के समान वेतन, पेंशन और अन्य सुविधाएं।

देखिए मोदी जी, सुनिए भागवत जी : हम औरतें; सेना से लेकर शाहीन बाग़ तक | न्यूज़क्लिक