SAVE WEST BENGAL FROM TRINAMOOL CONGRESS

RESIST FASCIST TERROR IN WB BY TMC-MAOIST-POLICE-MEDIA NEXUS

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Friday, March 27, 2020

नॉर्थ-ईस्ट के लोगों के साथ नस्लीय दुर्व्यवहार और उन पर हमलों किये जाने की ख़बरें देखी गयी हैं। जब से कोरोनो वायरस का डर शुरू हुआ है, तबसे इस महामारी के लिए चीनी आवाम और चीनी संस्कृतियों को दोषी ठहराये जाने का विचार सामने आने लगा है। इसकी जगह हमें इस बात को संदर्भ में भी इसे देखना चाहिए कि भारत में जो हैज़े की महामारी शुरू हुई थी, वह पूरी दुनिया में फैल गयी थी। प्लेग यूरोप में शुरू हुआ था और दुनिया के हर कोने में पहुंच गया था। जॉनसन लिखते हैं कि उन्नीसवीं शताब्दी के दौरान हुए हैज़ा और प्लेग के समय मज़दूर वर्ग के मैले और गंदे जीवन और यहूदियों को उस महामारी के फ़ैलने के लिए दोषी ठहराया गया था। जॉनसन ने यह भी बताया है कि हैज़ा और प्लेग ने अमीर और ग़रीब, दोनों को समान रूप से प्रभावित किया था। एक दूसरे पर दोष मढ़ने के बजाय, वैश्विक संकट से लड़ने के लिए एक वैश्विक पहल की ज़रूरत है।

अफ़वाहें, महामारी और सामाजिक रोग : इतिहास ख़ुद को दोहराता रहता है | न्यूज़क्लिक