SAVE WEST BENGAL FROM TRINAMOOL CONGRESS

RESIST FASCIST TERROR IN WB BY TMC-MAOIST-POLICE-MEDIA NEXUS

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Tuesday, March 17, 2020

दिल्ली के उत्तरपूर्वी इलाकों में हुई हिंसा के दौरान लूटपाट, जान और माल के नुकसान की खबरें शुरुआत से ही सुर्खियों में रहीं लेकिन हिंसा के दौरान महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और यौन शोषण की घटनाएं बमुश्किल ही बाहर निकल पाई हैं. इस दौरान न सिर्फ महिलाओं को देखकर आपत्तिजनक इशारे किए गए बल्कि उन्हें गलत तरीके से छुआ गया और उनके साथ शारीरिक हिंसा भी हुई. दंगों के दौरान चांदबाग में जब लोग दंगाइयों की भीड़ से खुद की जान बचा रहे थे, तब ये महिलाएं अपनी जान के साथ-साथ अपनी आबरू बचाने की कोशिश में थीं. दंगा प्रभावित इलाकों से गुजरते हुए द वायर जब चांदबाग पहुंचा तो वहां कुछ स्थानीय लोगों से बातचीत में पता चला कि दंगाइयों ने किस तरह हिंसा के बीच महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया. ये महिलाएं समाज और पुलिस के डर से सामने नहीं आईं और न ही आना चाहती हैं. दंगाइयों की हैवानियत का शिकार हुईं इन पीड़ित महिलाओं में से कोई मां है, जिसकी दो बेटियों की शादी इसी साल होनी है, कोई अधेड़ उम्र की विधवा है, तो कोई नवविवाहिता. इन महिलाओं में इस कदर खौफ़ है कि अपने साथ हुई इस ज्यादती की शिकायत ये थाने में दर्ज नहीं कराना चाहतीं.

दिल्ली हिंसा के दौरान यौन उत्पीड़न का शिकार हुई महिलाओं की आपबीती