SAVE WEST BENGAL FROM TRINAMOOL CONGRESS

RESIST FASCIST TERROR IN WB BY TMC-MAOIST-POLICE-MEDIA NEXUS

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Tuesday, March 10, 2020

अमित शाह की अगुवाई वाला केंद्रीय गृह मंत्रालय विवादित नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने और इस कानून पर उठ रहे सवालों का जवाब देने से लगातार इनकार कर रहा है. द वायर द्वारा इसे लेकर दायर किए गए कई सूचना का अधिकार (आरटीआई) आवेदनों पर गृह मंत्रालय ने बोगस आधार पर जवाब देने से मना कर दिया और कुछ मामलों में सूचना देने के लिए आरटीआई एक्ट, 2005 में तय की गई समयसीमा का भी उल्लंघन किया. उदाहरण के तौर पर, 25 दिसंबर 2019 को दायर किए गए आरटीआई आवेदन में हमने नागरिकता संशोधन विधेयक को कैबिनेट से पास कराने से जुड़ी फाइलों के बारे में जानकारी मांगी थी. विशेष रूप से हमने उन सभी दस्तावेजों, रिकॉर्ड्स, फाइल नोटिंग्स, पत्राचार की प्रति मांगी थी जिसके आधार पर इस विधेयक को तैयार किया था. हालांकि गृह मंत्रालय के केंद्रीय जन सूचना अधिकारी (सीपीआईओ) ने 29 फरवरी को भेजे अपने जवाब में जानकारी देने से मना कर दिया. जोशी ने दलील दी कि अगर ये जानकारी सार्वजनिक की जाती है तो इससे विदेशी राज्यों के साथ भारत के संबंध खराब हो सकते हैं.

सीएए की फाइलों को सार्वजनिक करने से गृह मंत्रालय का इनकार, कहा- विदेशी रिश्ते खराब हो जाएंगे