SAVE WEST BENGAL FROM TRINAMOOL CONGRESS

RESIST FASCIST TERROR IN WB BY TMC-MAOIST-POLICE-MEDIA NEXUS

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Tuesday, March 10, 2020

यस बैंक द्वारा दिए गए कुल कर्जे में मार्च, 2017 से 31 मार्च 2019 के बीच 80 फीसदी की बढ़ोतरी हो गयी, जबकि अर्थव्यवस्था धराशायी थी, कर्ज की मांग असाधारण रूप से निचले स्तर पर थी और निजी निवेश के पटरी पर लौटने का कहीं कोई संकेत नहीं था. यस बैंक द्वारा दिया गया कुल कर्ज वित्त वर्ष 2017 से वित्त वर्ष 2019 के बीच 1,32,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,41,000 करोड़ रुपये हो गया. यह महज दो वर्षों में, जब ज्यादातर बैंकों के लिए कर्ज देना मुश्किल हो रहा था, 1,09,000 करोड़ या 80 फीसदी की बढ़ोतरी है. महज दो वर्षों में यस बैंक द्वारा दिया गया कर्जा दोगुना हो गया. यस बैक ने अपने अस्तित्व के 17 वर्षों में जितना कर्जा दिया था, करीब उतना ही कर्जा इसने इन दो वर्षों में दे दिया गया. वे कॉरपोरेट कर्जदार कौन थे, जिन्हें निजी क्षेत्र के इस बैंक ने नोटबंदी और जीएसटी के बाद के दो वर्षों में इतना जमकर और बिना कुछ सोचे-समझे कर्ज दिया, जबकि निवेश का माहौल इतना अंधकारमय नजर आ रहा था कि कोई भी अच्छी कंपनी नए निवेश के लिए कर्ज नहीं मांग रही थी?

यस बैंक द्वारा दिए कर्ज़ में हुई 80 फ़ीसदी बढ़ोतरी का फायदा किन्हें मिला?